जलचर थल चर,नभचर प्राणियों में विशेष रूप से पशुओं ओर पक्षियों में
अंतर समझने लिए कुछ बातें विचारणीय है .[१] पशुओं के शरीर पर बाल होते है
[[[२]पक्शियो के शरीरपर पंख हो ते है [३]मादा पशु बच्चो को जन्म देती है .मादा पक्षी अंडे
देती है [४]मादा पशु अपने बच्चेको दूध पिलाती है मादा पक्षी अंडे सेती है .[५] पशु उड़ नहीं सकते
सारांश बाल वाले .दूध पिलानेवाले बच्चोको जन्म देने वाले पशु /अंडे देने वाले
पंख वाले पक्षी ---एक पक्षी जिस्कानाम चमगादर[व्ल्वागुल] है ऐसा पक्षी है जो उड़ता
है उसके पंख होते है पक्षी ही किन्तु पशुओं के समसं बच्चो को जन्म देता है और दूध पिलाता
है .****एक कहावत है किहवा का रुख देख करचलना चाहिए किन्तु कभीकभी
कुछ लोग जिधर बम उधर हंमका नारा लगाते है /किसी युग में पशुओं और पक्षियों
के बिच युद्ध हुआ /युद्धमे कभी पशु जीतते और कभी पक्षी /चमगादड़ पशु जीतते तो
उनकी तरफ जामिलते और अपने आपको पशु बताते और पक्षी जीतते तो उनके
विजय जश्न में सम्मिलित हो ते /////कई वर्षोके युद्ध के दुश्परिनामोको भोगते भोगते
पशु पक्षियों ने समझोता कर लिया /युद्ध एक शान्ति कीसर्जना की पूर्व तयारी
है //चमगादड़ ने ऐसे में पशुओं पशुयो के दल में जाना चाहातो उसको पक्षी बता कर
भगादिया तथा पक्षियों ने भी उसे दुत्कार दिया //पशु पक्षी सभी उसका अपमान करने लगे
दिन के समय वहअपना मुंह छिपाता फिरता है एवं अँधेरे स्थान पर उलटा लटका
रहाता है रात के अंधेर में ही भोजन पानी के लिए निकलता है
अंतर समझने लिए कुछ बातें विचारणीय है .[१] पशुओं के शरीर पर बाल होते है
[[[२]पक्शियो के शरीरपर पंख हो ते है [३]मादा पशु बच्चो को जन्म देती है .मादा पक्षी अंडे
देती है [४]मादा पशु अपने बच्चेको दूध पिलाती है मादा पक्षी अंडे सेती है .[५] पशु उड़ नहीं सकते
सारांश बाल वाले .दूध पिलानेवाले बच्चोको जन्म देने वाले पशु /अंडे देने वाले
पंख वाले पक्षी ---एक पक्षी जिस्कानाम चमगादर[व्ल्वागुल] है ऐसा पक्षी है जो उड़ता
है उसके पंख होते है पक्षी ही किन्तु पशुओं के समसं बच्चो को जन्म देता है और दूध पिलाता
है .****एक कहावत है किहवा का रुख देख करचलना चाहिए किन्तु कभीकभी
कुछ लोग जिधर बम उधर हंमका नारा लगाते है /किसी युग में पशुओं और पक्षियों
के बिच युद्ध हुआ /युद्धमे कभी पशु जीतते और कभी पक्षी /चमगादड़ पशु जीतते तो
उनकी तरफ जामिलते और अपने आपको पशु बताते और पक्षी जीतते तो उनके
विजय जश्न में सम्मिलित हो ते /////कई वर्षोके युद्ध के दुश्परिनामोको भोगते भोगते
पशु पक्षियों ने समझोता कर लिया /युद्ध एक शान्ति कीसर्जना की पूर्व तयारी
है //चमगादड़ ने ऐसे में पशुओं पशुयो के दल में जाना चाहातो उसको पक्षी बता कर
भगादिया तथा पक्षियों ने भी उसे दुत्कार दिया //पशु पक्षी सभी उसका अपमान करने लगे
दिन के समय वहअपना मुंह छिपाता फिरता है एवं अँधेरे स्थान पर उलटा लटका
रहाता है रात के अंधेर में ही भोजन पानी के लिए निकलता है