सोमवार, 10 अक्टूबर 2011

ladaka hoga

भ विष्यवाणी ..गर्भस्थ शिशु लडका होगा की लडकी यह जिग्यासागर्भके प्रथम मॉस से ही होती है 
पुत्र हेतु हर कोइ इच्छुक होता है /यदि भेंस ब्याये तो ईछा होती  है किमादा हो /न्र भेंस को कोइ नही 
पसंद करता /गायके विषयमें भी बछड़े की कामना  होती है /बछड़ा हुवा तो उत्तम और यदि बछिया 
हु ई तो संतोष  चलो खुटाबड़ा /गाय माता गोमती बेटा गणेश भेंस रांड डाकनपादाहुआ पापी 
यदि इन पशुओने मनोवांछित सन्तान नही दी तो भी कोइ बात नही किन्तु बहुने कन्या 
जाई तो पूरा परिवार परिवार दुखी हो जाता है /ग्रामीण क्षेत्रोमेपरसुती गृह में सहायिका/नर्स 
द्वारा ही पता चलता था किलडका हुआ या लडकी /बच्चे कीकिलकारी के बाद लड़का 
लड़की होनेका संकेत विशेष तरह से दिया जाता था /यदि  लड़का हुआ तो थाली को 
लकड़ी से पिटकर बजाया जाता था और लडकी होनेपर बांस का सूप बजाया जाता था 
लडके की तमन्ना में महिलाको गर्भ स्थापना के पूर्व और पश्चात तरह तरह की द
वाइयां 
खिलाईजाती है और तरह तरह के टोटके किये जाते हैं कई साधू संतो  देवी देवताओं 
के द्वार पर मत्था टेका जाता है /ऐसे में एक संतजी पुत्र होगाकि पुत्री  की भविष्य वाणी 
करताथावे भविष्य वाणी की फ़ीस १००रुपिया लेताथा/यदि उसकी भविष्य वाणी  गलत 
निकती तो २००रुपिय वापिस देताथा /उसकी कई भविष्य वानियाँ गलत भी निकलतिथि
फिर भी संत कभी घटे में नही रहताथा /कारण तर्क पूर्ण है वे गर्भवती के कानमें लड़का 
कहतेथेउन्हें लड़का लडकी जन्म अनुपाटका ज्ञान था उन हे पता था कि५०% से अधिक 
लडके जन्म लेते है और उनकी भविष्य वाणी का व्यापारखूब   फला फुला /वैसे 
पत्र पुत्री का निर्धारण गुण सूत्र के आधार पर होताहै /गर्भस्थ शिशु का लिंग निर्धारण 
दो माह के बाद होताहै अत इस अवधि के पूर्व लिंग निर्धारण हेतु यदि कोइ उपचार 
कियाजाता है तो सफल हो ने कीसम्भावना हो सकती है .पुत्र की इच्छा रखनेवाली महिलाये 
यदि सोनोग्राफी न कराकर लिंग परिवर्तन कारीदवाई किसी  प्रमाणित व्यक्ति से लेकर सेवन 
कर सकती है /यदि गर्भस्थ शिशु नर है तो उत्तम ओषदीप्रयोग से लड़का होगया तो अहोभाग्य 
और कन्या जन्म ही होता है तोमानलो हरी करे सो खरी /हाँ लुटरे धोके बाजों से सावधान 
रहें 

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