रविवार, 27 मई 2012

salah

          अकबर के नो रत्नों में एक बीरबल .विजय नगर के महाराजा कृष्ण देव राय के तेनालीराम .
तुर्किस्थान के मुल्ला नसरुद्दीन के समान चीन के चांग प्रशिद्ध हुए है /कई हास्य प्रसंगइन लोगो  
 से जुड़े है /मुल्ला नसरुद्दीन अपनेगधे        को लेकर फिरा  करते व हास्य के साथ ही जीवन के सत्य 
प्रकट करते रहते थे /उन्ही के समान चीन के चांग भी अपने गधे को साथ लेकर जाते थे /चांग 
मनमोजी निडर व बुद्धि मान थे /एक बार उन्हें विचार आया कि आराम करनेमे आनंद क्यों 
आताहै /उन्हें मंथन करने पर लगाकि परिश्रम करने से शरीर थक जाता है / मनुष्य को इस थकान को मिटाने के लिए  आराम करना पड़ता है /इसलिए आराम में आनंद आता 
है इस निष्कर्ष की सत्यता जानने के  लिए वह बाजार में जहा मजदूर काम की तलाश में बैठते है 
अपने साथ एक रस्सा लेकर गया /इतने में एक धनी किन्तु कंजुस व्यक्ति आया /उसने कहा सामनेकी
की दुकान से मैंने चीनी के कलात्मक मंहगे बर्तन खरीद कर बक्से में रखे है /कोई बक्से को मेरे
घर तक पंहुचा सकता है /यह सुन कर कई मजदुर तैयार होगये किन्तु उस धनी की शर्त सुनकर सब
ने इंकार कर दिया /धनी ने शर्त बताई कि वह मजदूरी में पैसे नहीं देगा /वहतीन अनमोल सलाहे
देगा /मजदूरो ने सो चा की मजदूरी के पैसे से पेट भरता है सलाओ से नहीं /चांग मन मो जी तो था ही उसने सोचा  इसकी सलाहों को जानना चाही है इसलिए वह बक्से को
उसके को उसके घर ले जाने को तैयार हो गया /उसने रस्से से बक्सेको अपनी पीठ से बांधा
व उस धनी के साथ चल पड़ा /थोडा चलने के बाद उसने सलाहों के बारे में कहा आप अपनी सलाह
बताओ /मेरी सलाह जीवन के अनुभवो का निचोड़ है /इसे इतनी जल्दी कैसे बताया जाय /
कुछ थोडा और आगे चलो तब बताऊंगा जब आधे से  अधिक रास्ता तय हो गया तब छांगने धनि से 
फिर आग्रह किया तो धनी ने सलाह दीकी अगर कोई तुम्हे कहे कि आधा पेट भोजन पाव 
पेट पानी और पाव पेट खाली रख कर खाना बंद कर देना चाहिए  तो तुम  ने उसकी यह बात नहीं 
मानना क्योंकि गरीब मजदुर को बादमे खाना मिले या नहीं इसलिए भर पेट खाना खाना चाहिए 
चांग ने कहा वाह सेठ वाह कितनी बढ़िया सलाह दी /ऐसी सलाह तो पैसे देने पर भी नहीं मिलती 
चांग ने चलते चलते दूसरी सलाह पूछी /धनीने कहा अगर तुम्हे को ई कहे कि अमीरी में बहुत 
दुःख है गरीबी में बहुत सुख है बढ़िया घोड़े की सवारी छोड़ कर पैदल चलाना अच्छा है तो 
उसकी बात हीमत मानना क्योकि वह गरीब को गरीब ही रखना चाहता है /चा ग ने कहा 
सेठ कितनी बढ़िया सलाह है लाख टके की सलाह बताई /हा अब तो तुम्हारा घर पास आगया 
जल्दीसे अपनी तीसरी सलाह बता धनी ने कहा यदि तुम्हे कोई कहे की तुम बहुत बुद्धि मान 
हो तो  उसकी बात नहीं मानना क्योंकि लोग मूर्खो को ऐसा कहकर उनकी झूठी प्रशंसा कर उनसे 
अपना काम करवाते है /इतनी बाते करते करते धनी का घर आगया /चांग ने लापरवाही से झटके 
से रस्से की गठान छोड़ कर बक्से को धडाम से जमीं पर गिरादिया और कहा सेठ कोई कहे इसबक्से में  कोई बर्तन साबुत  बच गयाहोगा तो उसकी बात 
का बिलकुल भी विश्वाश मत करना /अपने से कम बुद्धि वालेकी  बात नहीं मानना 





शुक्रवार, 25 मई 2012

pachawa chor

बात  बहुत पुराने समय की है /जब छोटे छोटे राज्य हो ते थे रा जा वेश बदल कर रात में 
राजधानी में घूमते थे  और प्रजा के दुःख सुख की जानकारी लेते थे /उन्ही दिनों एक रात 
चार चोर चोरी करने के इरादेसे राज  धानी में आधी रात  को घूम रहे थे //उसी समय वहां 
का राजा राजधानी में भ्रमण कर रहाथा /राजाने चोरो को देख कर कुछ  निर्णय किया व
उनके साथ साथ चलने लगा /चोरो ने आपस में कहा आज हम सब अलग अलग स्थानों से 
इकट्ठे हु ये है अत अपने अपने गुण बता ये /एक ने कहा वह धन कहा रखाहै  उसका ठीक 
ठीक स्थान बता सकता है / दुसरेने वह चाहे जितनी मजबूत दीवाल हो उसे आसानी से तोड़ 
सकता है /तीसरे ने कहा में  पशु पक्षियों की बोली जानता हूँ अब उन्होंने साथ चल रहे चोथे 
व्यक्ति अर्थात राजा से उसके गुणों के बारेमे पुछा / राजा ने कहा मेरे इशारे पर फांसी पर 
चदाया गया व्यक्ति निचे उतार दिया जाता है पांचवे चोर ने बताया में एकबार जिस व्यक्ति 
को एक बार देख लू उसे कभी  भी किसी भी रूप में हो उसे पाहचन ले ता हु /कुछ दूर जाने पर एक कुते के भोकने पर साथी यो ने बोली पहचान ने वाले से कुत्ते के भोंकने का 
अर्थ पूछा /उसने बताया कि कुत्ता कह रहा है हम   लोगो मेसे कोई एक महत्त्व पूर्ण व्यक्ति है 
अन्य साथियों की सहायता से  खजाने की खोज कर दीवार तोड़ कर खजाने आकी चोरी कर 
वे लोग जाने लगे /इतने में राजा ने महल  में पहुँच कर संतरियो को आदेश देकर चोरोको 
पकडवा दिया 
                       सुबह दरबार में राजा ने उनकी अपराध संबंदी सुनवाई कर चारो को फासी की 
सजा सुनाई /उन चोरो में से एक चोर ने निवेदन किया की महाराज रातको चोरी करने हम 
 पांच व्यक्ति गए थे रा त में हमने अपने अपने गुण बताये थे /में जिस व्यक्ति को एकबार 
देख ले ता हु उसे  कही भी किसी भी वेश में हो पहचान ले ता हूँ /में चाहता हु वह व्यक्ति भी 
अपने  क हे गुण को सिद्ध करे *****और राजा ने ईशा रा किया व् उनकी सजा माफ हो गयी 

गुरुवार, 24 मई 2012

ullu aurbadashah

  किसी समय   अरब में   एक बादशाह राज करता  था /वह  पशु पक्षियों की बोली जानता था /
उसकी रानी बहुत ही जिद्दी एवम निर्दयी थी राजा हर इच्छा  की पूर्ति करता था /एक बार 
उसने बादशाह  से एक ऐसा महल बनवाने का कहा जो कि पक्षियों की हड्डियों से बनाया  जाये 
     बादशाहने   सभी  पक्षियों को इकट्ठा  होनेका हुक्म दिया /सभी पक्षी हाजी र हो  गये किन्तु 
उल्लू नहीं आया /बादशा ह ने दुसरा बुलावा भेजा .उल्लू नहीं आया /बादशाह ने तीस    रा बुलावा 
भेजा उल्लू नहीं आया बादशाह ने जब चोअथा बुलावा भेजा तब उल्लू हाजिर हुआ /बादशाह बहुत 
खफा हुआ और तीन बुलावो पर नहीं आनेका कारण पुछा /उल्लू ने कहा  हुजुर जब आपका पहला बुलावा गयाथा तब में एक महत्त्व पूर्ण प्रश्न पर विचार 
कर रहा था इस कारण आनहि सका बादशाह ने पूछा ऐसा कोन सा प्रश्न था  और उस काउत्तर  मी ला अथवा नहीं /उल्लू ने कहा हुजुर प्रश्न यह था की पृथ्वी पर 
जीवितों की संख्या अधिक है या मृतकों की /इसका उत्तर भी मिल गया पृथ्वी पर मृतकों की 
संख्या ही अधिक है क्योंकि जोजीवित है वे वे भी मारकर मृतकों की संख्या को बड़ा देंगे इसलिए 
पृथ्वी पर मृतकों की संख्याही अधिक  /
  
बादशाह ने दुसरे बुलावेपर न आने का कारण पूछा तब उल्लू नेनेबताया उस समय भी एक महत्वपूर्ण प्रश्न पर विचार करना 
बताया हुजुर उस समय में विचार कर रहा था की इस पृथ्वी पर पांच भाग जल और एक भाग थल 
है तोजल भाग अधिक है  या थल भाग /बादशाह ने  पूछा इसका उत्तर क्या मिला *उल्लुने कहा 
चूँकि जल भी थल पर है इसलिए थल भाग ही अधिक है /बादशाह ने तीसरे बुलावे पर भी 
उपस्थित न होने का कारण पूछा तो उल्लू ने बताया उस समय भी में एक प्रश्न का   उत्तर 
 खोज रहा था    उस समय में विचार कर रहा था कि दुनिया में मर्दों  की संख्या अधिक है या 
औरतोकी /हुजुर मेरी नजर मेवह मर्द भी औरत है जो  औरतो कीसनक पूरी  करते है 
इसलिए ऐसे   मर्दों का शुमार औरतो मे हो जाने से दुनिया में औरतो कीसंख्या अधिक है 


बुधवार, 23 मई 2012

hajardasta

उल्लू को हजार दा स्ता भी कहा    जाता है .यह पक्षी जिस भी आवाज को सुन लेता है
व ही आवाज वैसी की वैसी अपने   मुह से निकाल   सकता है .प्राचीन समय में यह धारणा 
थी कि अगर कोई बच्चारा .त में रोता है और उसे  सुन कर कोई उल्लू उस आवाज की नक़ल 
करता है तो वह बच्चा बीमार रहने लगता है इस पक्षी के विषय में कई भ्रान्ति 
जनक कथाये प्रशिद्ध है कहाजाता है कि मादा उल्लू अपने अंडे फोड़ने के लिए पारस पत्थर 
का प्रयोग करती है .पारस  पत्थरकी खोज करने वालोने इस पक्षी के घोसलों को 
बहुत  उजाडा है .वैसे यह पक्षी भी उजाड़ स्थानों को पसन्द करताहै / 
तैमूर लंग गांवो बस्तियों को उजा ड़ता भारतमे बढता जारहा था/पराजित राजाओ  सेनापतियो 
व् सेना का उपयोग  स्थानों पर आक्रमण कर ने के लिए करताथा /एकबार एक उजाड़ गाँव 
के पास से जारहे थे /वहां एक वृक्ष  पर बैठे दो उल्लू औ को देखकर तैमूर लंग ने साथ में चलरहे 
पराजित राजा से पूछा तुम तो उल्लुऑ की भाषा जानते हो बताओ वे क्या बात कररहे है  साथ के राजा 
ने अपमानित महसूस हॉट हुए कह़ा हुजूर इन उल्लू ओ  एक नर उल्लू का पिता हैआउर दूसरा 
एक लड़की मादा उल्लू का  पिता है /नर उल्लू का पिता दहेज़ में पांच उजाड़ गांव की मांग कर 
रहा है /माआदा उल्लू का पिता बता रहा हैकि तैमूर लंग  बादशाह के हो ते हु  ये मुझे को ई 
चिंता  नही /में तुम्हे पांच की जगह दस उजाड़ गांव दे ने को तैयार हूँ 

रविवार, 6 मई 2012

hosalabadao

दो मेंडक एक गहरे गद्देमे गिर गए / वे प्रयत्न कर बाहर निकलना चाहरहेथे /गद्दे के उपर  ख दे साथी मेंद्को को लगाकी उन्  का प्रयत्न  व्यर्थ है /उन्होंने कह़ा तुम्हारा प्रयत्न 
व्यर्थ है /दोनों मेदक प्रयत्न करतेरहे  /बाहर के साथी  बारबार उनके प्रयत्न कोव्यर्थ 
बताते रहे /एक मेंडक प्रयत्न करते करते मर गया /एक मेंद्क अंत में बाहर  निकल आया 
/उसने साथियों का धन्यवाद किया / मई बहरा हो ने के कार नआप लोग क्या कह रहे थे 
सुन नही    पाया परन्तु आप ने मुजे गद्दे के बहार आने के प्रोत्साहित किया ईस केलिये 
धन्यवाद् 
                 तात्पर्य की किसी को भी हतोत्  सा हित नही करना चाहिए बल्कि उनका
हो सला बधावो 

logon ka hoasalabadao

                   दो मेंडक