nagar uwach
सोमवार, 19 सितंबर 2011
TEJAJI
इस प्रकार तेजाजी को सर्प दंश हु आ /का रन कुछ भी रहे हो /तेजाजी लोक देव ता के रूप में पूजे जा रहे
है उनके नाम से सर्प का टे को ध गा बा ध ने पर उस को जहर का असर नहीं हो ता /आजके
समय में भी तेजाजी का प्र भाव स्पस्ट रूप से दी ख रहा है
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